
जिलाधिकारी ने किया बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
पटना, (खौफ 24) जिलाधिकारी, पटना द्वारा आज बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने दीघा पाटीपुल-मीनार घाट, कुर्जी बिंद टोली घाट सहित आस-पास के क्षेत्रों का दौरा किया तथा बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों सहित उपस्थित लोगों से संवाद स्थापित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा नदी के जल-स्तर में वृद्धि के कारण आस-पास के इलाके में पानी फैल गया है। कुछ पंचायतों के निचले हिस्से में नदी का पानी आया हुआ है। कहीं-कहीं गंगा नदी का पानी सड़क के किनारे आ गया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन पूर्णतः सजग एवं सतर्क है। पदाधिकारियों द्वारा लगातार क्षेत्र भ्रमण किया जा रहा है। सभी एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर है। सभी वरीय पदाधिकारी एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निरंतर भ्रमणशील हैं। आम जनता को कोई असुविधा नहीं होगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि कुर्जी-बिन्द टोली में आज शाम से मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सभी व्यवस्था क्रियाशील करने का निदेश दिया गया है। अंचल अधिकारी, पटना सदर को यहाँ डिवाइडर के दक्षिण तरफ़ एक पतला एवं लंबा शेड बनाने का निर्देश दिया गया ताकि लोगों को कोई समस्या न हो। एसओपी के अनुसार सूखा राशन का वितरण एवं सामुदायिक रसोईघर का संचालन शुरू करने का निदेश दिया गया है। सिविल सर्जन, पटना द्वारा मेडिकल कैम्प लगाया जाएगा।
नगर कार्यपालक पदाधिकारी को पिंक ट्वायलेट सहित अस्थायी शौचालय की स्थापना करने तथा कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की सुविधा हेतु वाटर टैंकर एवं वाटर एटीएम लगाने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि कुर्जी-बिन्द टोली में लोगों की सुविधा के लिए पूर्व से ही आवागमन के लिए यहाँ दो नाव की व्यवस्था की गई है। पशु शेड, चारा व्यवस्था, पशु चिकित्सा जांच, सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य सभी प्रबंध करने का निदेश पदाधिकारियों को दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि नकटा दियारा के लोगों की सुविधा हेतु दीघा पाटीपुल-मीनार घाट पर भी इसी प्रकार की व्यवस्था आज शाम से की जा रही है। इसके लिए पदाधिकारियों को निदेशित किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पटना जिला में बाढ़-प्रभावित व्यक्तियों के आवागमन के लिए 35 नाव की व्यवस्था की गई है। इसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाएगा। अनुमंडल पदाधिकारियों; अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को नावों के परिचालन में निर्धारित मानकों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है ताकि लोगों की सुरक्षा हर-हाल में सुनिश्चित रहे।
डीएम के निर्देश पर अंचलाधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं, अनुमंडल पदाधिकारियों तथा अपर जिला दंडाधिकारी, आपदा प्रबंधन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को सरकार द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सभी व्यवस्था त्रुटिहीन ढंग से सुनिश्चित रखने का निदेश दिया गया है। अपर जिला दंडाधिकारी (आपदा प्रबंधन), पटना को अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा नदी का वर्तमान में जल-स्तर गांधी घाट में उच्चतम जल-स्तर से लगभग 65 सेंटीमीटर नीचे है। गांधी घाट में उच्चतम जल-स्तर 50.52 मीटर है जबकि आज प्रातः 6.00 बजे यहां का जल-स्तर 49.87 मीटर दर्ज किया गया। दीघा घाट में उच्चतम जल-स्तर 52.52 मीटर है जबकि आज प्रातः 6.00 बजे यहां का जल-स्तर 51.10 मीटर था। मनेर में उच्चतम जल-स्तर 53.79 मीटर है जबकि आज प्रातः 6.00 बजे यहां जल-स्तर 52.99 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण इकाई के अनुसार गंगा के जल-स्तर में वृद्धि की संभावना है। परंतु लोगों को परेशान होने की कोई बात नहीं है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों की सतत निगरानी की जा रही है। प्रशासन पूर्णतः मुस्तैद है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पटना ज़िला में गंगा नदी एवं उसकी सहायक नदियों के जल-स्तर में वृद्धि को देखते हुए सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को स्थिति सामान्य होने तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का प्रतिदिन भ्रमण करने, घाटों एवं ऐसे इलाक़ों में नियमित निगरानी करने तथा आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन तंत्र पूर्णतः एलर्ट है। अधिकारियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का लगातार भ्रमण किया जा रहा है। इनके द्वारा निर्धारित क्षेत्रों में जाकर लोगों से बात की जा रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि आम नागरिकों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। आपदा प्रबंधन तंत्र पूर्णतः सक्रिय एवं तत्पर है। किसी भी प्रकार की सूचना जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र में क्रियाशील नियंत्रण कक्ष (0612-2210118) में दी जा सकती है।