
चैती छठ पूजा आज नहाय खाय के साथ शुरुआत
हिंदू पंचांग के अनुसार, छठ पूजा की शुरुआत नहाय खाय के साथ होता है.मान्यता है कि सबसे पहले सूर्यपुत्र कर्ण ने यह व्रत किया था। छठी मईया को संतान सुख देने वाली देवी माना जाता है, इसलिए खासकर महिलाएं यह व्रत पूरी श्रद्धा से करती हैं। छठ पूजा सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का पर्व है
चैती छठ पूजा सूर्य देव की पूजा के लिए समर्पित सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्योहारों में से एक है। मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाने वाला यह त्योहार गहरी भक्ति, कठोर उपवास और खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना का समय है।
त्रेतायुग में माता सीता और द्वापर युग में द्रौपदी ने भी रखा था छठ का व्रत रामायण की कहानी के अनुसार जब रावण का वध करके राम जी देवी सीता और लक्ष्मण जी के साथ अयोध्या वापस लौटे थे, तो माता सीता ने कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को व्रत रखकर कुल की सुख-शांति के लिए षष्ठी देवी और सूर्यदेव की आराधना की थी।
चैत्र महीने की छठ पूजा को चैती छठ कहा जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, छठ पूजा की शुरुआत नहाय खाय के साथ होता है.