
दो माह बाद क्रिमिनल कोर्ट का शुभारंभ संभव : न्यायमूर्ति
पटना, (खौफ 24) उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति व अररिया न्याय मंडल के इंस्पेक्टिंग जज अशोक कुमार पांडे फारबिसगंज व्यवहार न्यायालय निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कहा अधिवक्ताओं से कहा कि कोर्ट भवन में अभी बहुत कमियां है। LAN नहीं है। ऐसे में कोर्ट नहीं बन सकता। क्योंकि रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं हो पाएगा। लाइन के लिए बात हुई है। दो महीने के अंदर सारा कनेक्ट हो जाएगा। एक से दो महीने में एप्रोच रोड, बाउंड्री का सारी समस्याएं भी दूर हो जाएगी। आप लोग सहयोग कीजिए। एक से दो महीने में सभी काम पूरा हो जाएगा। आप नक्शा लेकर जिला जज के पास जाए। जिला जज डीएम से पूछेंगे कि आखिर चिह्नित जमीन कहां है और अगर उस पर निर्माण हो गया तो दूसरी जमीन आवंटन करावे।

समस्या समाधान के करीब है। एक से दो महीने के अंदर सारी समस्याएं दूर हो जाएगी। उसके बाद फिर आपके सपने भी सरकार हो जाएंगे। इससे पूर्व न्यायमूर्ति ने सबसे पहले कोर्ट रूम एवं जज आवास सहित कैंपस, बाउंड्री आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में ही बाउंड्री के साइज छोटा होने को लेकर मौजूद अभियंता को डायरेक्शन दिए। इसके बाद लिंक रोड का निरीक्षण किए। फिर बिजली आदि की बारीकी से जांच की। कमरों के साफ-सफाई आदि को लेकर थोड़ी नाराजगी भी जताई। इसके बाद वकालत खाना आदि का निरीक्षण किया। इस मौके पर जिला जज गुंजन पांडेय, अररिया फैमिली कोर्ट के जज अविनाश कुमार, सीजेएम अमरेंद्र प्रसाद, फारबिसगंज व्यवहार न्यायालय के अवर न्यायाधीश प्रथम दीपक कुमार, मुंसफ शिवकुमार सिंधु, डीएलएस सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव, नजीर श्याम बिहारी, पीएलवी त्रिदेव मेहता, नाजीर फारबिसगंज सूरज कुमार, पेशकार मयंक मिलिंद के अलावा बड़ी संख्या में न्यायिक पदाधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर बार एसोसिएशन व एडवोकेट एसोसिएशन के द्वारा न्यायमूर्ति एवं सभी न्यायिक अधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया। स्वागत के दौरान बार
अधिवक्ताओं ने बताई अपनी पीड़ा
स्वागत समारोह कार्यक्रम के दौरान एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वजीत प्रसाद ने अधिवक्ताओं के के पीड़ा की ओर न्यायमूर्ति का ध्यान आकृष्ट करवाते हुए कहा कि हुजूर वकालत खाना के लिए 27 डिसमल जमीन पूर्व से आवंटित है। इसके एनओसी के लिए वे लोग विगत वर्षों से चक्कर काट रहे है। मगर 2 दिन पूर्व जब फारबिसगंज एसडीओ और डीसीएलआर से इस संबंध में बातचीत की तो इन अधिकारियों ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि आप लोगों के लिए कोई जगह या जमीन नहीं है। कहा- हुजूर नक्शा है। चिन्हित है। पहले एनओसी नहीं था। हालांकि मामले को न्यायमूर्ति ने गंभीरता से लेते हुए नक्शा एवं कागजात के साथ जिला जज से मिलने के लिए कहा ताकि जिला जज डीएम को बुलाकर समस्याओं का समाधान कर सके।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता राजेश चंद्र वर्मा एवं एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विश्वजीत प्रसाद ने न्यायमूर्ति का ध्यान आकृष्ट करवाते हुए कहा की सस्ता व सुलभ न्याय तथा अधिवक्ताओं की पीड़ा के समाधान के लिए यह एक सुनहला मुहूर्त है। ईद का दिन है। रामनवमी का समय चल रहा है। ऐसे में शुभ कार्यों की घोषणा क्षेत्र हित में होगा। ये अधिवक्ता गण थे मौजूदः बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश चंद्र वर्मा, सचिव गोपाल प्रसाद मंडल,
एडवोकेट एसो. के अध्यक्ष विश्वजीत प्रसाद, अधिवक्ता संतोष दास, शिवानंद मेहता, मदनलाल गुप्ता, तरुण सिन्हा, अनिल सिन्हा, सिराजुद्दीन मंसूरी, दयानंद मंडल, राहुल रंजन, भास्कर देव, राकेश दास, निशा कुमारी कर्ण, प्रिया भारती, उर्मिला जैन, अभिनंदन प्रसाद शशि, प्रमोद शाह, शिवनारायण मंडल, दीपक भारती, कुंदन कुमार, देवनारायण यादव, कौशल किशोर वर्मा, सुमन मिश्रा,सत्यजीत आनंद, पंकज यादव सहित अन्य अधिवक्ता गण मौजूद थे।