
आतंकी हमले के विरोध में अररिया में निकली शांतिपूर्ण श्रद्धांजलि
अररिया, रंजीत ठाकुर : विगत दिनों जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले ने पूरे देश को गहरे शोक और आक्रोश से भर दिया है। इस दर्दनाक घटना में देश के कई जवान शहीद हो गए, जिनकी शहादत को सम्मान देने और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए अररिया में एक शांतिपूर्ण श्रद्धांजलि रैली का आयोजन किया गया।
शनिवार की संध्या 6:30 बजे से अररिया कॉलेज ग्राउंड से आरंभ हुई इस रैली में करीब 500 से 600 लोगों ने भाग लिया। रैली में अररिया कॉलेज के सभी शारीरिक प्रशिक्षक, शारीरिक शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राएँ तथा स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
रैली का मुख्य उद्देश्य शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना और आमजन के बीच एकता, शांति और भाईचारे का संदेश फैलाना था। प्रतिभागियों ने हाथों में तिरंगा और शहीदों के सम्मान में तख्तियां थाम रखी थीं, जिन पर “शहीद अमर रहें” और “आतंकवाद मुर्दाबाद” जैसे नारों के संदेश लिखा था।
रैली अररिया कॉलेज ग्राउंड से प्रारंभ होकर बस स्टेशन ओवरब्रिज तक गई। रास्ते में सभी प्रतिभागियों ने पूर्ण अनुशासन और शांति का पालन किया। इस दौरान न कोई नारेबाजी हुई और न ही कोई अव्यवस्था देखने को मिली। रैली में सम्मिलित लोगों ने मौन धारण कर शहीदों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
रैली का नेतृत्व कॉलेज के वरिष्ठ शारीरिक प्रशिक्षकों ने किया। कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने कहा कि आतंकी हमलों का मुकाबला हम सबको मिलकर करना होगा और देश की अखंडता के लिए हर नागरिक को सतर्क और जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने यह भी अपील की कि ऐसे समय में देशवासियों को आपसी मतभेद भूलकर एकजुटता का परिचय देना चाहिए।
स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से भी रैली के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल रैली के पूरे मार्ग पर तैनात रहा और पूरी व्यवस्था को सफलतापूर्वक संचालित किया गया।
शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई इस रैली ने अररिया जिले में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित किया। रैली के अंत में बस स्टेशन ओवरब्रिज पर सभी प्रतिभागियों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में शामिल एक छात्रा ने कहा, “देश के लिए प्राण देने वाले जवानों को हम कभी नहीं भूल सकते। यह रैली हमारे दिल की आवाज है।” वहीं एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा, “आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए हम सबको एकजुट होकर सरकार और सेना का समर्थन करना चाहिए।”
अररिया में आयोजित इस श्रद्धांजलि रैली ने न केवल शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया, बल्कि यह भी साबित किया कि आतंकवाद के खिलाफ देश का हर नागरिक एकजुट है और अपनी मातृभूमि के सम्मान के लिए हमेशा तैयार है।