
वट सावित्री व्रत पतिव्रता और स्त्री के समर्पण
पटना सिटी, (खौफ 24) बट वृक्ष के पास महिलाएं सुबह से ही अपने पति के लिए व्रत रखकर पूजा करते हुए नजर आए आप को बता दे क्या महत्व इस व्रत का जाने आप को बता दे कि सावित्री की कहानी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण कथा है, जिसमें एक पत्नी का अपने पति के प्रति गहरा समर्पण और भक्ति का चित्रण किया गया है।

सावित्री, मद्र देश के राजा अश्वपति की पुत्री थी। उसने सत्यवान से विवाह किया था, जिसकी आयु कम थी। जब यमराज सत्यवान के प्राण लेने आए, तो सावित्री ने यमराज से अपने पति के प्राण लौटाने की प्रार्थना की। अपनी दृढ़ता और भक्ति के बल पर, सावित्री यमराज को प्रसन्न करने में सफल रही और सत्यवान को जीवन वापस मिल गया। सावित्री की कहानी पतिव्रता और स्त्री के समर्पण की एक महान मिसाल है।
सावित्री की कहानी पतिव्रता का एक आदर्श उदाहरण है, जो एक पत्नी के लिए अपने पति के प्रति प्रेम, समर्पण और भक्ति के महत्व को दर्शाती है।
सावित्री की दृढ़ता और भक्ति से यमराज प्रसन्न हुए और उन्होंने सत्यवान के प्राण सावित्री को लौटा दिए।
बताया जाता है कि यमराज ने सावित्री को सत्यवान का जीवन वापस दे दिया, और सावित्री और सत्यवान का वैवाहिक जीवन सुखी रहा। सावित्री की कहानी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण कथा है, जो पतिव्रता और स्त्री के समर्पण की एक महान मिसाल है।