
मच्छर भगाने अगरबत्ती से झोपड़ियों में लगी आग, दो मासूमों की मौत!
पटना, अजीत यादव जिले के गौरीचक थाना क्षेत्र में रविवार की आधी रात दर्दनाक हादसा हुआ। जनकपुर मोड़ के पास सड़क किनारे बनी चार झोपड़ियों में अचानक आग लग गई, जिससे दो मासूम बच्चों की झुलसकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया।
मच्छर भगाने की बत्ती बनी हादसे की वजह
स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार, झोपड़ी में रहने वाले मजदूर परिवारों ने रात में मच्छर भगाने वाली बत्ती (कॉइल) जलाई थी, जिससे आग लगी। जब परिवार के लोग सो रहे थे, तब जलती हुई बत्ती गिर गई और धीरे-धीरे झोपड़ी में आग फैल गई। तेज हवा के कारण आग ने पास की तीन अन्य झोपड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
दो मासूमों की जिंदा जलने से मौत
रात करीब 12 बजे आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई। झोपड़ियों में सो रहे लोग जान बचाने के लिए बाहर भागे, लेकिन 8 वर्षीय सन्नी कुमार और 4 वर्षीय आदित्य कुमार अंदर ही फंसे रह गए। आग इतनी भयानक थी कि उन्हें बाहर निकालने का मौका नहीं मिल पाया और उनकी मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य बच्चे घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है।
दमकल की तीन गाड़ियों ने बुझाई आग
घटना की सूचना मिलते ही गौरीचक थाना पुलिस और दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक चारों झोपड़ियां पूरी तरह जल चुकी थीं। परिवारों का सारा सामान, कपड़े, राशन और पैसे भी राख हो गए।
मातम में डूबा परिवार, मदद की गुहार
मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां-बाप अपने बच्चों की जलकर मौत से सदमे में हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन देगा सहायता
गौरीचक थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि गरीब तबके के लोग झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं, जहां आग जैसी आपदाओं से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते। प्रशासन और समाज को मिलकर ऐसे लोगों के लिए सुरक्षित आवास और बेहतर जीवन की दिशा में काम करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।